Loss of Ejaculatory Control Due to Anxiety Top Sexologist in Patna Bihar India
Leading Ayurvedic Sexology Clinic in India, located at Patna, Bihar: Dubey Clinic
नमस्कार! दुबे क्लिनिक में आपका स्वागत है, जो भारत का एक अग्रणी आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजी क्लिनिक है। यह एक प्रमाणित आयुर्वेदिक क्लिनिक है, जो पटना के लंगर टोली चौराहा में स्थित है। बिहार में, यह सबसे अधिक मांग वाले आयुर्वेदिक क्लिनिकों में से एक है, जहाँ अलग-अलग आयु वर्ग के यौन रोगी आते हैं और क्लिनिक के विशेषज्ञों तथा सीनियर चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त करते हैं।
इस क्लिनिक में विश्व-प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य और भारत के वरिष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. सुनील दुबे प्रैक्टिस करते हैं, जो इस क्लिनिक के डायरेक्टर भी हैं। वे उन सभी लोगों की मदद करते हैं जो किसी भी तरह की यौन समस्याओं के कारण अपनी निजी या वैवाहिक जीवन में संघर्ष कर रहे हैं। वे भारत के अत्यंत अनुभवी और योग्य सेक्सोलॉजिस्ट हैं, जिन्हें यौन समस्याओं पर शोध करने और उनका इलाज करने का पूर्ण रूप से अधिकार प्राप्त है। अपने 35 वर्षों के करियर में, उन्होंने व्यक्तियों में होने वाले विभिन्न प्रकार की यौन विकृतियों पर शोध किया है, ताकि वे सर्वोत्तम और चिकित्सकीय रूप से अनुमोदित आयुर्वेदिक दवाएँ प्रदान कर सकें। सौभाग्य से, उन्हें इसमें सफलता मिली और अपनी विशेष आयुर्वेदिक दवाओं की मदद से, उन्होंने भारत में करीब साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों का इलाज प्रभावपूर्ण तरीकों से किया है।
उन्होंने लोगों को उनकी यौन समस्याओं में मदद करने के लिए कई सेमिनार और कैंप में हिस्सा लिया है। उनका कहना है कि दुबे क्लिनिक उन सभी समुदायों के लोगों के लिए सही जगह है, जो अपनी यौन समस्याओं का समाधान प्राकृतिक तरीके से करना चाहते हैं। भारत के लोगों पर उनके प्रभाव को देखते हुए, 'रिसर्च काउंसिल ऑफ़ इंडिया' ने उन्हें "भारत गौरव पुरस्कार" से सम्मानित किया; जो भारत में किसी भी आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। आज के सत्र में, उन्होंने उन लोगों के साथ अपना क्लिनिकल अनुभव साझा किया, जो तनाव या परफॉर्मेंस एंग्जायटी के कारण अपनी यौन जीवन में संघर्ष कर रहे हैं, जिसके चलते उनका अपने स्खलन पर नियंत्रण नहीं रहता। आम तौर पर, इसे "शीघ्रपतन" के रूप में जाना जाता है, जो पुरुष के के लिए ऑर्गैस्मिक डिसफंक्शन का कारण होता है।
चिंता या परफॉर्मेंस स्ट्रेस स्खलन पर नियंत्रण को कैसे प्रभावित करता है?
डॉ. सुनील दुबे बताते है कि चिंता करना या होना एक सामान्य बात है, परन्तु निरंतर चिंता करना व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बनता है जिसका प्रभाव मनोवैज्ञानिक या मानसिक तौर पर अक्सर देखने को मिलता है। यौन जीवन के लिए चिंता या परफॉर्मेंस स्ट्रेस सामान्य ब्रेन-नर्व-हार्मोन संतुलन को बिगाड़कर इजैक्यूलेशन कंट्रोल को खराब करते हैं, जिससे पुरुष अपने क्लाइमेक्स में देरी नहीं कर पाता। इजैक्यूलेशन (स्खलन), इरेक्शन (स्तंभन) की तरह, दिमाग में शुरू होता है, और चिंता इस सिस्टम को गलत दिशा में धकेलने का कार्य करती है।
वे आगे बताते है कि चिंता इजैक्यूलेशन कंट्रोल को कैसे प्रभावित करती है, यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वास्तव में, जब व्यक्ति को यह पता होता है कि उसकी यौन समस्या का मुख्य कारण चिंता ही है, तो यह जानकारी उसे समस्या को नियंत्रित करने में हमेशा मदद करती है। चिंता न केवल यौन समस्या बल्कि शारीरिक समस्या का मुख्य कारण भी है। चलिए जानते है कि चिंता या परफॉर्मेंस स्ट्रेस स्खलन पर नियंत्रण को किस प्रकार से प्रभावित करते है।
- "लड़ो या भागो" प्रतिक्रिया का अत्यधिक सक्रियण (ओवरएक्टिवेशन): जैसा कि हमें पता होना चाहिए कि चिंता किसी भी व्यक्ति में "लड़ो या भागो" प्रतिक्रिया का अत्यधिक सक्रियण करता है। यह सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करती है। जहाँ इजैक्यूलेशन एक सिम्पैथेटिक रिफ्लेक्स है। ज्यादा चिंता करने से, सिम्पैथेटिक गतिविधि से तेजी आती है, जिससे इजैक्यूलेशन अनियंत्रित हो जाता है। अगर कोई व्यक्ति जितना ज्यादा चिंता करता है, उसका स्खलन उतना ही तेजी से होता है।
- पैरासिम्पेथेटिक संतुलन में गड़बड़ी: किसी भी व्यक्ति को उसके इजैक्यूलेशन कंट्रोल के लिए पैरासिम्पैथेटिक (शांत) और सिम्पैथेटिक (रिलीज़) सिस्टम के बीच संतुलन ज़रूरी है। यहाँ, चिंता विश्राम (रिलैक्सेशन) को दबाती है और उत्तेजना के चरण या अवधि को कम करती है, जिससे व्यक्ति में जल्दी क्लाइमेक्स होता है।
- प्रदर्शन की चिंता और मानसिक भटकाव: कोई भी पुरुष अपने यौन क्रिया में साथी से बेहतर करना चाहता है, यहाँ कुछ को असफलता का डर जैसे कि "क्या मेरा वीर्य बहुत जल्दी निकल जाएगा?" की समस्या से ग्रसित हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह होता है कि व्यक्ति लगातार खुद पर नज़र रखता है, उसे खुद के शरीर के प्रति जागरूकता में कमी होती है, जिस कारण से उसके पेल्विक मांसपेशियों पर नियंत्रण कम हो जाता है। यह मानसिक दबाव इजैक्यूलेशन (वीर्यपात) की प्रक्रिया को तेज़ कर देता है।
- मांसपेशियों में तनाव का बढ़ना: चिंता पेल्विक फ्लोर और जांघों की मांसपेशियों को कस देती है या तनाव को बढ़ा देती है। जिससे कसी हुई मांसपेशियां इजैक्यूलेशन रिफ्लेक्स को जल्दी ट्रिगर करती हैं। यहाँ, रिलैक्सेशन की कमी से जानबूझकर देरी नहीं हो पाती। कहने का तात्पर्य यह है कि व्यक्ति को उसके नियंत्रण में कमी हो जाती है।
- न्यूरोकेमिकल बदलाव: चिंता से सेरोटोनिन का स्तर कम हो जाता है; यह एक ऐसा न्यूरोट्रांसमीटर है जो स्खलन में देरी करता है। यहाँ, सेरोटोनिन का कम स्तर, व्यक्ति को उसके स्खलन पर नियंत्रण में कमी की ओर अग्रसर करती है।
- कंडीशनिंग और दुष्चक्र: व्यक्ति में शीघ्र स्खलन की एक घटना, इसके दोबारा होने का डर को प्रेरित कर सकती है। डर से घबराहट बढ़ जाती है जिससे व्यक्ति का स्खलन और भी तेज़ी से होता है। इसके परिणामस्वरूप क्रोनिक शीघ्र स्खलन की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
तनाव शीघ्रपतन का एक मुख्य कारण क्यों है?
- शुरुआती यौन अनुभवों के दौरान यह आम है।
- रिश्तों में टकराव के बाद इसे देखा जाता है।
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की घटनाओं के बाद यह होता है।
- अक्सर यह तब भी मौजूद रहता है, जब शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य हो।
डॉ. सुनील दुबे बताते है कि मुख्य संकेत कि चिंता ही कारण है, इसे निम्नलिखित तरीको या कारको से समझा जा सकता है।
- हस्तमैथुन के दौरान सामान्य इजैक्यूलेशन का होना।
- शीघ्रपतन मुख्य रूप से पार्टनर के साथ होता है।
- तनाव में लक्षण और खराब हो जाते हैं।
- इसमें कोई मेडिकल असामान्यता नहीं होती।
उपयुक्त सभी बातों से यह स्पष्ट होता है कि चिंता और प्रदर्शन का तनाव, सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को अत्यधिक उत्तेजित करके, सेरोटोनिन के स्तर को कम करके, मांसपेशियों के तनाव को बढ़ाकर और मन-शरीर के तालमेल को बिगाड़कर, स्खलन पर नियंत्रण को बाधित करते हैं—जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति में शीघ्रपतन की समस्या उत्पन्न होती है।
क्या इसे ठीक किया जा सकता है?
हमारे आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी विशेषज्ञ, डॉ. सुनील दुबे—जो बिहार के शीर्ष-रेटेड सेक्सोलॉजिस्ट में से एक हैं—बताते हैं कि किसी भी निजी या यौन समस्या का इलाज, व्यापक आयुर्वेदिक तरीकों और आधुनिक तकनीक की मदद से आसानी से किया जा सकता है। यहाँ, एंग्जायटी से होने वाले शीघ्रपत्तन का इलाज इन सामान्य तरीकों से आसानी से किया जा सकता है:
- आराम की तकनीकें और साँस लेने के व्यायाम
- कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी
- माइंडफुलनेस और यौन थेरेपी
- पेल्विक फ्लोर ट्रेनिंग
- धीरे-धीरे आत्मविश्वास में बढ़ोतरी करना
- व्यक्तिगत आयुर्वेदिक उपचार
डॉ. सुनील दुबे आगे कहते हैं कि आयुर्वेद, जो चिकित्सा की एक पारंपरिक प्रणाली है, हमेशा व्यक्तिगत उपचार पर केंद्रित रहता है; इसमें मुख्य कार्य शरीर में मौजूद दोषों (वात, पित्त और कफ) को संतुलित करना होता है। यह कारण-आधारित उपचार प्रदान करता है, जिसमें व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति के अनुसार विशेष आयुर्वेदिक दवा तैयार की जाती है। यह पूरी तरह से सुरक्षित और प्रामाणिक होता है जिसका कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं है।
फलों, सब्जियों और घरेलू उपाय जो तनाव या प्रदर्शन से जुड़ी चिंता को कम करते हैं।
डॉ. सुनील दुबे बताते हैं कि आयुर्वेद के समग्र दृष्टिकोण के साथ-साथ, किसी व्यक्ति का दैनिक आहार और जीवनशैली भी चिंता या प्रदर्शन-संबंधी तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कुछ प्राकृतिक आहार और घरेलु उपाय करने की सलाह दी है, जो तनाव और परफॉर्मेंस एंग्जायटी (जैसे परीक्षा का तनाव, स्टेज का डर, यौन में विफलता या काम का दबाव) को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसे व्यावहारिक तौर पर, व्यक्ति को अपने जीवन में पालन करने से हमेशा सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते है।
फल जो तनाव कम करने में मदद करते हैं:
वैसे तो, कोई भी फल का अपना अलग ही महत्व होते है। ये विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और मूड को बेहतर बनाने वाले पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। कुछ फल का नियमित सेवन करने से, व्यक्ति के शारीरिक दोष संतुलित होते है और चिंता की समस्या को दूर करने में मदद करते है।
- केला: यह हमारे शरीर में सेरोटोनिन (अच्छा महसूस कराने वाला केमिकल) के स्तर को बढ़ाता है और लगातार ऊर्जा देता है।
- संतरा: यह विटामिन C से भरपूर होता है, कोर्टिसोल (तनाव वाला हार्मोन) कम करने में मदद करता है।
- ब्लूबेरी: इसमें एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते है जो दिमाग को तनाव से बचाने में मदद करते हैं।
- सेब: यह ब्लड शुगर को स्थिर रखता है, जिससे मूड में अचानक बदलाव (mood swings) नहीं होते है।
- एवोकाडो: यह हेल्दी फैट्स और B विटामिन से भरपूर होते है जो नसों व रक्त-संचरण के लिए अच्छा है।
सब्जियां जो मन को शांत करती हैं:
- पालक: यह मैग्नीशियम से भरपूर होते है जो चिंता और मांसपेशियों के तनाव को कम करता है।
- ब्रोकोली: इसमें फोलेट वाले गुण होता है, जो व्यक्ति को उसके मूड को नियंत्रित करने में मदद करता है।
- शकरकंद: यह तनाव वाले हार्मोन को प्राकृतिक रूप से कम करता है।
- गाजर: कुरकुरे खाद्य पदार्थ जो शारीरिक व मानसिक तनाव को कम कर सकते हैं।
- शिमला मिर्च: यह विटामिन C से भरपूर होते है जो तनाव से निपटने में मदद करती है।
तनाव से राहत के लिए घरेलू उपाय:
घरेलु उपाय वास्तव में सरल, असरदार और बहुत ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले उपाय में से एक हैं:
हर्बल चाय:
- कैमोमाइल चाय: यह घरेलु उपाय आराम और अच्छी नींद को बढ़ावा देती है।
- तुलसी (पवित्र बेसिल) चाय: यह चिंता को कम करती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाती है।
- ग्रीन टी: इसमें L-थीनिन होता है, जो दिमाग को शांत रखने में मदद करता है।
गर्म दूध (खासकर रात में):
- वास्तव में, यह शरीर के लिए फायदेमंद पेय पदार्थ है। इसमें ट्रिप्टोफैन होता है जो नींद और आराम को बेहतर बनाता है।
गर्म पानी के साथ शहद:
- इस घरेलू उपाय का उपयोग, तंत्रिका तंत्र (nervous system) को शांत करने में मदद करता है।
गहरी सांस लेना (प्राणायाम):
चिंता को कम करने में योग व व्यायाम का अपना अलग ही महत्व होते है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते है। कुछ सामान्य घरेलु उपाय में शामिल है -
- धीरे-धीरे सांस लेने का अभ्यास करें: 4 सेकंड तक सांस अंदर लें उसके बाद 4 सेकंड तक रोककर रखें फिर अंत में 6 सेकंड तक सांस बाहर छोड़ें। इससे परफॉर्मेंस एंग्जायटी (प्रदर्शन की घबराहट) तेज़ी से कम होती है।
योग और ध्यान:
- रोज़ाना सिर्फ़ 10–15 मिनट का अभ्यास भी तनाव को काफ़ी हद तक कम कर सकता है।
- यह एकाग्रता और आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करता है।
मेवे और बीज:
बादाम, अखरोट, अलसी के बीज; इन सभी खाद्य-पदार्थ में मैग्नीशियम और ओमेगा-3 भरपूर मात्रा में होते है। इनके सेवन से मन स्थिर व शांत होता है।
प्रदर्शन से जुड़े तनाव से निपटने के लिए कुछ त्वरित सुझाव:
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ज़्यादा कैफ़ीन (चाय/कॉफ़ी) लेने से बचें, क्योंकि इससे घबराहट बढ़ सकती है।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें (पर्याप्त पानी पीते रहें) ।
- पूरी नींद लें, गुणवत्तपूर्ण (यह मानसिक शांति के लिए बहुत ज़रूरी है) ।
- परफ़ॉर्मेंस से पहले अभ्यास करें (इससे आत्मविश्वास बढ़ता है) ।
- अच्छी दैनिक जीवनशैली को बढ़ावा दे।
समग्र उपचार हेतु दुबे क्लिनिक से जुड़े:
अगर आप किसी ऐसे योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लेने की सोच रहे हैं, जो सेक्सोलॉजी से जुड़ी दवाओं और इलाज में माहिर हो, तो दुबे क्लिनिक से जुड़ें। यह एक पूरी तरह से सुसज्जित आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजी क्लिनिक है, जो हर यौन रोगी को परेशानी-मुक्त वाले माहौल और एडवांस क्लिनिकल तरीकों से व्यापक इलाज प्रदान करता है। इस क्लिनिक में डॉ. सुनील दुबे और उनके विशेषज्ञ, मरीज़ों को उन समस्याओं की असली वजह समझने में मदद करते हैं, जिनके कारण उन्हें यौन समस्याएं होती हैं। इसके बाद, वे उन्हें एक समग्र दृष्टिकोण के साथ व्यक्तिगत आयुर्वेदिक दवाएं देते हैं, जो सुरक्षित और चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित होती हैं।
अभी के लिए बस इतना ही, मिलते है नए अंक के साथ।
दुबे क्लिनिक पटना, बिहार